Friday, 5 October 2012

                                                 तस्वीर बोलती है         (Weekly Column)
            " मैं अकेला ही चला था जानिबे मंज़िल मगर,
          लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया"

                         क्या आप जानते हैं ?
   (1)    ककापो (kakapo) नाम का तोता सभी तोतों में 
        सबसे ज़्यादा भारी होता है।और यह अकेला तोता 
       है जो उड़ नहीं सकता ।
    (2) पॉपी (Poppy) नाम के फूल से मारफ़िन        (Morphine) नाम की दवा बनाई जाती है जो painkiller का काम करती है।      

Thursday, 4 October 2012

                                           ख़ूबसूरत बातें ( weekly column)
       बीता हुआ कल यादगार है और आने वाला कल एक ख़्वाब है ।
              ख़लील जिब्रान          
                                                                                                   
                ज़रा मुस्कुराइए 
एक आदमी  कॉफी शॉप में बैठा कॉफी पी रहा था 
कि एक दूसरा आदमी उसके पास आकर बोला मिस्टर "क्या आप मुझे पांच सौ रूपये उधार दे सकते हैं ?"
'लेकिन मैं तो आपको जानता भी नहीं ।पहले आदमी ने कहा ।
"इसी लिए तो आपसे मांग रहा हूँ क्योंकि जो लोग मुझे जानते हैं उन सब से मैं पहले ही काफ़ी उधार ले चुका हूँ।"

Wednesday, 3 October 2012

                                काम की बातें 
बालों को Dye करते वक़्त अक्सर कपड़ों पर धब्बे लग जाते हैं ।धब्बों को दूर करने के लिए कपड़े के उस हिस्से को गर्म पानी में भिगो दें फिर थोड़ा सा ग्लिसरीन लगा कर ब्रश से रगड़ें फिर धो दें ।धब्बा दूर हो जाएगा ।
गुलदान में लगे फूलों को ज़्यादा देर तक ताज़ा रखने के लिए एक कप पानी में एस्प्रिन की गोली डाल  कर अच्छी तरह मिला दीजिये और फूलों के ऊपर छिड़क 
दीजिये फूल ज्यादा देर तक ताज़े रहेंगे ।



Monday, 1 October 2012

                      एक ख़ूबसूरत लोक कहानी 
                                कंजूस आदमी 

 बात बहुत पुराने ज़माने की है। एक आदमी था जिसके घर में बहुत सारे सोने के ज़ेवर थे जिनको वह बहुत सम्भालकर  हमेशा तिजौरी में रखता था ।उसकी बीवी ने कई बार  उससे कहा  तिजौरी में इतने सारे गहने हैं "आप कभी मुझे पहनने के लिए क्यों नहीं देते?"वह आदमी अपनी बीवी की बात को हमेशा टाल दिया करता एक दिन जब उस की बीवी बार-बार गहने पहनने की ज़िद करने लगी तो वह आदमी चुपके से घर के पीछे वाले बाग़ में गया और एक गड्ढा खोद कर उस में ज़ेवरों को छुपा दिया ।इसके बाद वह रोज़ जाकर गड्ढे को खोल कर देखता कि  ज़ेवर रखे हैं या नहीं ।फिर गड्ढे को वापस बंद कर देता ।एक दिन उसके एक नौकर ने उसको ऐसा करते हुए देख लिया और उसको शक हुआ कि हो न हो ज़रूर मेरे कंजूस मालिक ने यहाँ कोई ख़ज़ाना छुपाया है ।उसने गड्ढे को खोद कर वह जेवर निकाल लिए ।अगले दिन जब वह आदमी वहां आया तो देखा जेवर वहाँ से ग़ायब हो चुके हैं ।वह कंजूस आदमी ज़ोर -ज़ोर से रोने लगा और अपना सर पीटने लगा ।शोर सुनकर उसके मोहल्ले के लोग वहाँ आ गए और उससे रोने की वजह पूछी तो उस आदमी ने उनको सारी बात बताई ।उसकी बात को सुनकर एक आदमी बोला" तुम एक पत्थर को लेकर गड्ढे में उसी तरह छिपा दो जैसे तुमने सोना छिपाया था और  सोचो कि गड्ढे में पत्थर नहीं बल्कि सोना है क्योंकि जिस तरह यह  पत्थर तुम्हारे लिए बेकार है उसी तरह वह सोना भी तुम्हारे लिए बेकार था क्योंकि जिस चीज़ का हम कभी इस्तेमाल ही न करें वह हमारे किस काम की?"