Sunday, 30 September 2012


     अंदाज़े बयाँ 
  जी बहुत चाहता है सच बोलें 
 क्या करे हौसला नहीं होता।
                      -बशीर बद्र 
तेरे ख़त का जवाब लिखा है 
बेअदब को जनाब लिखा है 
                    -एजाज़ अन्सारी 




नए मकान बनाए तो फासलों की तरह 
हमें ये शहर बसाना भी तो नहीं आया 
                                                       -वसीम बरेलवी 
शामे ग़म की सहर नहीं होती 
या हमीं को खबर नहीं होती 
                -इब्ने इंशा 


                                     

Friday, 28 September 2012

                                                 क्या आप जानते हैं ?
चीन की आबादी अमेरिका के मुक़ाबले चार गुना ज़्यादा है।आबादी के लिहाज़ से दुनिया का हर पाँचवां आदमी  चाईनीज़ है।
काग़ज़ की खोज करने वाला पहला मुल्क चीन है ।




                                तस्वीर बोलती है 
                Hi! मैं हूँ जूनियर बप्पी लहरी और 
                आप सुन रहे हैं रेडियो मिर्ची ।              


Thursday, 27 September 2012

   ज़रा मुस्कुराइए    
  एक दोस्त दूसरे दोस्त  से-  क्या बात है यार बड़े परेशान लग रहे हो ?                                      
दोस्त -हाँ तुम ने सही कहा 
पहला दोस्त -कोई बात नहीं परेशानियों का क्या है आज हैं कल चली जायेंगी ।
दूसरा दोस्त -नहीं यार यह परेशानी इतनी जल्दी नहीं जाने वाली कल मेरी सास आ रही हैं ।
पहला दोस्त -ओह!तब तो यह परेशानी वाक़ई जल्दी नहीं जायेगी मेरी हमदर्दियाँ तुम्हारे साथ हैं।        
(Weekly Column)                      ख़ूबसूरत  बातें 
ज़िन्दगी ख़ुद  को पाने का नाम नहीं  बल्कि ज़िन्दगी ख़ुद  को बनाने का नाम है।
                        बर्नार्ड शा        

Wednesday, 26 September 2012

                                  काम की बातें 

आपके घर में अगर किसी को  मामूली खाँसी -ज़ुकाम हो जाए तो उसके लिए एक बेहतरीन घरेलू नुस्ख़ा यह है कि आप उसे एक छोटे  चम्मच शहद में थोड़ी सी कुटी हुई अदरक मिला कर दिन में दो -तीन बार खिला दें खाँसी से काफ़ी हद तक आराम मिलेगा ।    
 









  (2)हल्की -फुल्की चोट लग जाए और  ख़ून निकलने लगे तो उस जगह पर शक्कर के दाने लगा देने से ख़ून निकलना बंद हो जाता है लेकिन याद रखें कि यह तरीक़ा सिर्फ मामूली चोट के लिए ही है ।                                                                                                                                                                                                





Tuesday, 25 September 2012

                                                       बीरबल की समझदारी 
                                               


एक बार बादशाह अकबर ने बीरबल से कहा सारे अक्लमंद आदमियों की सोच एक जैसी नहीं होती ।बीरबल बोले नहीं हुज़ूर सारे समझदार इन्सान एक ही तरह सोचते हैं ।अकबर बोले इसका सुबूत पेश करो ।
अगले दिन बीरबल ने महल के तालाब को खाली करवाके शहर में एलान कराया कि आज रात शहर का हर आदमी बादशाह के तालाब में एक -एक कटोरा दूध डालेगा ।अगली सुबह बीरबल बादशाह को लेकर तालाब पर गए तो देखा कि पूरा तालाब दूध के बजाये पानी से भरा था ।बीरबल ने कहा देखिये हुज़ूर सब लोगों ने दूध की जगह पानी डाला है मैंने कहा था न कि सारे अक्लमंद लोग एक ही तरह सोचते हैं ।मुझे तुम्हारी बात पर अब भी यक़ीन  नहीं है अकबर ने फिर भी हार नहीं मानी ।अब बीरबल ने कहा ठीक है मैं और सुबूत पेश करता हूँ ।रात में अकबर और बीरबल भेस बदल कर शहर में घूमने निकले और एक सुनार के घर पहुंचे और उससे पूछा दोस्त हमने सुना है कि अकबर ने हुक्म दिया है कि सब लोग उनके तालाब में एक कटोरा दूध डालेंगे ।क्या तुम लोगों ने उनका हुक्म माना ?सुनार बोला देखो मैं तुमको सच बताता हूँ लेकिन यह बात सिर्फ़ हम तीनों के बीच ही रहनी चाहिए ।भाई मैंने तो तालाब में पानी ही डाला था ।रात के अँधेरे में भला कौन समझ पायेगा कि बर्तन में दूध है या पानी ?अकबर और बीरबल वहां से निकल कर शहर के दूसरे लोगों के पास गए और हर एक के मुंह से यही बात सुनी ।बीरबल बोले देखा बादशाह सलामत आख़िरकार मेरी बात सही साबित हो गयी न कि सारे अक्लमंद एक ही तरह सोचते हैं ।बादशाह हँस कर बोले हाँ बीरबल तुम सही कहते थे ।   - राही नक़वी 


 


        

                                                                                                 

Monday, 24 September 2012

                                 परेशानियाँ (1)एक हिन्दुस्तानी  Housewife  की परेशानी - उफ़! यह काम वाली फिर बिना बताए छुट्टी पर चली गयी समझ में नहीं आता किधर से काम शुरू करूँ ?
(2)एक हीरो की परेशानी -अगर इस बार भी उस कम्बख़त एक्टर की फिल्म हिट हो गयी तो अपनी तो नंबर वन की position गयी हाथ से ।
(3)एक Husband की परेशानी -काश! इस महीने कोई त्योहार न पड़े वरना फिर जेब ख़ाली हो जायेगी ।
(4)एक बच्चे की परेशानी -अगर आज मैम ने कॉपी मांग ली तो ?मेरा होमवर्क complete नहीं है। बेटा! आज तो गए काम  से ।
(5)एक जेब कतरे की परेशानी -इस मंहगाई ने तो धंधा ही चौपट कर दिया है जिसका भी बटुआ उड़ाओ ख़ाली ही निकलता है ।

Sunday, 23 September 2012

                                                           अंदाज़े बयाँ 
       किसी की राह में दहलीज़ पर दिए न रखो,
        किवाड़ सूखी हुई लकड़ियों के होते हैं। -   बशीर बद्र 
                   छोड़ दो तुम भी मुझे सबकी तरह,
           रास्तों! मेरी कोई मंजिल नहीं । -  वसीम बरेलवी                                    
          जब कश्ती साबित-ओ सालिम थी ,
         साहिल की तमन्ना किसको थी ।
         अब ऐसी शिकस्ता कश्ती पर ,
          साहिल की तमन्ना कौन करे ।  - जज़्बी 
  बरस के खुल गए आँसू निखर गयी है फिज़ा ,
  चमक रहा है सरे शाम दर्द का तारा । -जावेद अख़तर                                     
     

                                                        

               

        
                                                                                                               



Saturday, 22 September 2012

                क्या आप जानते हैं ?



(1).हिन्दुस्तान सब से ज़्यादा Computer Software बनाने वाले मुल्कों में से एक है ।यहाँ से नब्बे (90) से ज्यादा देशों में Software भेजे जाते हैं ।   





(2).शतरंज (Chess) के खेल की ईजाद (Invention)  हमारे मुल्क हिन्दुस्तान में हुई थी ।             
               तस्वीर बोलती है (Weekly Column) 
     "तुलसी इह संसार में भांति भांति के लोग" 

Friday, 21 September 2012

ज़रा मुस्कुराइए (weeklycolumn)
एक क्लास में एक professor साहब पढ़ाने के दौरान अपने स्टुडेंट्स से सवाल पूछ रहे थे ।कोई भी उनके सवालों का जवाब नहीं दे पा रहा था ।ग़ुस्से में आकर 
प्रोफ़ेसर साहब बोले "मुझे लगता है इस क्लास में ज़्यादातर लोग गधे हैं ।जितने गधे हैं सब खड़े हो जाएँ।"  बाक़ी सब तो बैठे रहे मगर एक स्टुडेंट खड़ा हो गया ।प्रोफ़ेसर ने पूछा तुम क्यों खड़े हो गए ?लड़के ने जवाब दिया" सर दरअस्ल आप अकेले खड़े हुए अच्छे नहीं लग रहे थे ।"
                                                        खूबसूरत बातें    (Weekly Column)
       
अपने दुश्मनों को हमेशा माफ़ कर दो उनको  इससे 
ज्यादा परेशानी और किसी बात से नहीं होगी । 
                                                    -ऑस्कर वाइल्ड 









Thursday, 20 September 2012

Poem Queen Mab

By Thomas Hood


   परी रानी 
नन्ही सी है एक परी जो रोज़ रात को आती ,
आँखें उसकी नीली- नीली,बाल हैं उसके भूरे ,
परों पे उसके चाँदी जैसे छोटे - छोटे धब्बे,
रोज़ उतरकर चाँद से नीचे पंख हिलाती आती ।
एक रुपहली छड़ी हमेशा हाथ में अपने लेकर 
जब इक प्यारा बच्चा अपने बिस्तर पर सो जाता     

दाएँ-बाएँ हाथ हिलाती वह परियों की रानी ,              

इर्द-गिर्द माथे पर उसके घेरा एक बनाती ।
तब वह बच्चा मीठे-मीठे सपनों में खो जाता,
उन सपनो में झरने होते, झरनों में जलपरियाँ होतीं,
मज़ेदार मीठे फल वाले पेड़ भी होते
जिनकी शाख़ें झुक-झुक जातीं । 
भीनी -भीनी खुशबू वाले बाग़ महकते,
और हमेशा रहने वाले फूल भी होते,  
धूप में चम-चम करने वाली मक्खी होती,                                        

छाँव में चम-चम करने वाले जुगनू होते,                                         

प्यारी-प्यारी बातें करती चिड़ियाँ आएं  कभी कहानी 
और कभी फिर मीठा-मीठा गीत सुनाएं                            
परियों की वह प्यारी वादी और परियों के सुन्दर परबत   
उस वादी में  बौने आकर बच्चों को रस्ता दिखलाते ।
Translated By: Raahi Naqvi 

       

    
            

Tuesday, 18 September 2012

                            ख़ुदा का इन्साफ़ 


वह एक ज़ालिम और सनकी बादशाह था ।उसे ग़रीब अवाम को परेशान करने में मज़ा आता था ।एक बार उसने एक बढ़ई को हुक्म दिया," जाओ और तेरह हज़ार तेरह सौ पौंड वज़न का लकड़ी का महीन बुरादा (powder)  तैयार करके कल सुबह तक ले कर आओ ।"पुराने ज़माने में आज -कल की तरह मशीनें नहीं होती थीं इस लिए एक रात में इतना बुरादा तैयार करना नामुमकिन था ।बढ़ई  परेशान हाल घर पहुंचा और अपनी बीवी को यह बात बताई ।बीवी ने कहा "परेशान मत हो ख़ुदा पर भरोसा रखो।"वह दोनों रो-रो कर ख़ुदा से रहम की दुआएं मांगने लगे।सुबह होने ही वाली थी कि दरवाज़े पर दस्तक हुई।बढ़ई ने जाकर देखा तो दरवाज़े पर बादशाह के सिपाही खड़े थे।एक सिपाही धीमी आवाज़ में बोला "सुनो बढ़ई बेहतरीन लकड़ी का एक उम्दा ताबूत तैयार करो बादशाह मर गया है।" Translated By-Raahi Naqvi 

                                                                               

















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Sunday, 16 September 2012

            (weekly column)   काम की बातें 


अक्सर बच्चे सब्ज़ी में टमाटर खाना पसंद नहीं करते और टमाटर के टुकड़े अपनी प्लेट से निकलकर अलग कर देते हैं।बच्चों को टमाटर का पूरा Nutrition मिले इसके लिए आप टमाटर को पीस कर सब्ज़ी में शामिल कर दें बच्चा ख़ुशी-ख़ुशी सब्ज़ी खा लेगा।


(weekly column)                        काम की बातें

अगर आप रात को छोले भिगोना भूल गए हों तो एक कैसरोल (hot pot) में ख़ूब तेज़ गर्म पानी भर कर उसमें छोले भिगो दीजिये और ढक्कन को कस कर बंद कर दीजिये। 2-3 घन्टों बाद कैसरोल को खोल कर छोलों को निकाल लीजिये। छोले पकाने के लिए तैयार मिलेंगे।






                            अंदाज़े बयाँ 

कोई हाथ भी न मिलाएगा 
जो गले मिलोगे तपाक से ,
ये नए मिज़ाज का शहर है 
ज़रा फासले से मिला करो ।
                   - बशीर बद्र 

मिली हवाओं में उड़ने की ये सज़ा यारों ,
कि मै ज़मीन के रिश्तों से कट गया यारों ।
                                                  - वसीम बरेलवी 
पानी पे तैरती हुई इक लाश देखिये ,
और सोचिये कि डूबना कितना मुहाल है ।
                                                - वसीम बरेलवी 




Saturday, 15 September 2012

                                                क्या आप जानते हैं ?   
                         
(Weekly Column)
1 दुनिया का सब से बड़ा फूल (rafflesia) रफ्लेशिया है 
   जो इंडोनेशिया में पाया जाता है ।

2 वीनस फ्लाई ट्रैप नाम का पौधा अपनी एक्स्ट्रा 
  ख़ुराक पाने के लिए कीड़े -मकोड़ों को ट्रैप कर के 
 खा जाता है ।


 




 

Friday, 14 September 2012

                          तस्वीर बोलती है  (Weekly Column) 

            जब मैं हंसा तो साथ मेरे इक जहान था 
             
अब आज रो रहा हूँ ,कोई पूछता नहीं
                                                   -राही नक़वी 

  

   
                             ख़ूबसूरत बातें (Weekly Column)
    कभी -कभी जो सवाल हम को बहुत मुश्किल लगते 
    हैं अस्ल में उनके जवाब बहुत आसान होते हैं ।
                                                              डॉक्टर सेउस 
ज़रा मुस्कुराइए  (Weekly  Column)
एक बच्चा दौड़ा-
दौड़ा अपनी माँ के पास आया और बोला "मम्मी ज़रा यह तो बताइए कि अगर कोई आदमी अपने पड़ोसी के घर में झांक रहा हो और छुप -छुप कर उन की बातें सुन रहा हो और वह पड़ोसी उस को ऐसा करते हुए पकड़ ले तो उस आदमी के साथ क्या सुलूक करेगा ?" माँ ने जवाब दिया "पड़ोसी उस की जम कर पिटाई करेगा और क्या ?" । इतना सुनते ही बच्चा जाकर अल्मारी में कुछ  ढूँढने लगा । बेटा क्या ढूँढ रहे हो ? माँ ने पूछा । "मम्मी First aid box ढूंढ रहा हूँ क्योंकि इतनी पिटाई होने के बाद पापा को दवा भी तो लगानी पड़ेगी ।"



   

Wednesday, 12 September 2012

Is the moon tired ?
                                                         --  Christina Rossetti  
Is the moon tired ? She looks so pale

Within her misty veil ;
She scales the sky from east to west 
And takes no rest.

Before the coming of the night 
The moon shows papery white; 
Before the dawning of the day,
She Fades away.

                           
       

 थका हुआ चाँद  
(Translated by राही नक़वी)     
ये चाँद थक चुका है क्या ?
लगे है आज मुझको वो बुझा-बुझा सा 
ज़र्द-ज़र्द 
छुपा है बादलों में वो
फिरे है बेक़रार सा वो फैले आसमान में
कभी इधर कभी उधर
ये रात जब न आई थी तो कुछ चमक थी चाँद में
सुबह जो होने आई तो, ये चाँद भी धुन्धला गया ।

                            
           
                                 


Tuesday, 11 September 2012

         बनारसी साड़ी 
उत्तर प्रदेश के बनारस ज़िले में तैयार की जाने वाली बनारसी   साड़ियाँ हर हिन्दुस्तानी औरत की पसंद हैं। ऐश्वर्या राय हो या ज़रीन ख़ान या फिर टीवी की कोकिला बेन सबने यह साड़ियाँ पहनी हैं ।हमारे मुल्क में दुल्हन को दिए जाने वाले सामान की list तब तक मुकम्मल नहीं होती जब तक उसमें बनारसी साड़ी न शामिल हो।बनारस में रहने वाले बुनकर बड़ी ही मेहनत और महारत के साथ इन साड़ियों को तैयार करते हैं ।
ज़री के ख़ूबसूरत और भारी काम से सजी यह साड़ियाँ  निहायत हसीन होती हैं । आसान डिज़ाइन और कम काम वाली साड़ी  पन्द्रह से बीस दिन में तैयार हो जाती है  जबकि भारी काम और मुश्किल डिज़ाइन की साड़ी को बनाने में कम से कम छह-सात महीने लग जाते हैं ।साड़ी का डिज़ाइन ज़्यादातर मुग़ल स्टाइल का होता है ।
बहुत ही उम्दा क़िस्म के सिल्क पर सोने और चांदी के तारों(threads) से ज़री का काम बनाया जाता है । साड़ी 
के आँचल की ख़ूबसूरती देखने वाली होती है ।पूरी साड़ी ख़ूबसूरत फूलों और बेल बूटों से सजी होती है । इनमें मीनाकारी, जाली के काम वाली और भारी काम वाली साड़ी की मांग बहुत ज़्यादा है। बनारस की पहचान बन चुकी यह साड़ियाँ न सिर्फ हिन्दुस्तान बल्कि पूरी दुनिया में मशहूर हैं।   




   

Sunday, 9 September 2012

                                                    काम की बातें  (Weekly Column)

1.
अगर आप ग्रेवी वाली सब्ज़ी बना रहे हैं और चाहते हैं कि ग्रेवी पतली न हो बल्कि गाढ़ी (thick) रहे तो उसमें उबले आलू मैश करके डाल दें और मिला दें।
अगर आप ग्रेवी में खटास 
पसंद करते हैं तो उबले टमाटर की प्यूरी या फेंटा हुआ दही डालने से भी ग्रेवी गाढ़ी और ज़्यादा tasty होगी ।
2.
अक्सर चावल पकाते वक़्त 
चावल के दाने आपस में चिपक जाते हैं।अगर चावल उबलते वक़्त उसमें थोड़ा सा घी डाल दिया जाए तो चावल खिला-खिला बनेगा। चावलों को पकाते वक़्त अगर थोड़ा सा नींबू  का रस डाल दें तो भी चावल आपस में नहीं चिपकेगा और बहुत अच्छा  बनेगा । 
                                          

Respected Viewers आज अपने नाना की सुनाई हुई अकबर और बीरबल की एक और कहानी लिख रही हूँ उम्मीद है आप लोगों को पसंद आएगी ।
                         शहज़ादे की शरारत 

एक बार की बात है बादशाह अकबर अपने दरबार में अपने तख़्त पर बैठे हुए थे । उनके साथ बीरबल और दूसरे दरबारी भी दरबार में मौजूद थे । बादशाह ने दरबारियों से एक सवाल किया "आप लोग मुझे यह बताइए कि अगर कोई इंसान आपके बादशाह की मूछों  को नोचने का जुर्म करे तो उसकी क्या सज़ा होनी 

चाहिए ? " कोई बोला "बादशाह सलामत ! ऐसे शख्स को तो फांसी दे देनी चाहिए ।" किसी ने कहा " उसको सूली पर लटका देना चाहिए । " तो कोई बोला "उसका मुंह काला करके गधे पर घुमाना चाहिए । बीरबल चुप चाप बैठे सबकी बातें सुन रहे थे । बादशाह ने बीरबल से कहा "बीरबल तुम क्यों ख़ामोश बैठे हो ? बताओ उस इंसान को क्या सजा मिलनी चाहिए जो मेरी मूंछे नोचने की जुर्रत करे ? " । बीरबल मुस्कुराते हुए बोले " जहाँपनाह
उसको तो ख़ूब सारे तोहफे (Gifts) मिलने चाहियें ।" दूसरे दरबारी हैरान होकर बादशाह से बोले " बादशाह सलामत यह बीरबल क्या बकवास कर रहे हैं ? "। बादशाह मुस्कुराने लगे । अब बीरबल ने कहा " आप लोग समझे नहीं जहाँपनाह हम लोगों से मज़ाक़ कर रहे हैं । आप ही बताइए बादशाह सलामत की मूंछे नोचने की हिम्मत सिवाए नन्हे शहजादे के और कौन कर सकता है ?"
"तो भला शहजादे को उन की इस शरारत के लिए तोहफों के अलावा और कौन सी सज़ा दी जाए ? " ।

बादशाह बीरबल की अक्लमंदी से बहुत खुश हुए और उन को इनाम से नवाज़ा । दूसरे दरबारी एक बार फिर  बीरबल से मात खा चुके थे ।
   
 

Saturday, 8 September 2012

                                             क्या आप जानते हैं ?
                                            
Film Actor नर्गिस दत्त वह पहली हिन्दुस्तानी औरत थीं जिनको पद्म श्री मिला था। 



नोबेल प्राइज़ हासिल करने वाली पहली हिन्दुस्तानी औरत मदर टेरेसा थीं ।




   तस्वीर बोलती है    
[Weekly Column]

              "स्टाइल में रहने का"


Thursday, 6 September 2012

ज़रा मुस्कुराइए (Weekly Column)

एक 
चींटी दूसरी चींटी से बोली
"क्या बताऊँ बहन !! जब भी मैं खाना लेने जाती हूँ एक हाथी रोज़ मेरे रास्ते में आकर खड़ा हो जाता है । दूसरी  चींटी  बोली
"ओह !! तब तो तुम्हे बहुत ग़ुस्सा आता होगा ?
पहली 
चींटी  ठंडी साँस भरकर बोली
"हाँ ग़ुस्सा तो बहुत आता है मगर क्या करूँ उस कमबख्त
हाथी के बीवी-बच्चों का ख्याल करके अपने गुस्से को control कर लेती हूँ "।

                 
ख़ूबसूरत बातें (Weekly Column)                      
                                                                     
अगर तुमने हर हाल में ख़ुश रहने का फ़न (Art)
सीख लिया है तो यक़ीन करो तुमने ज़िन्दगी का
सबसे बड़ा फ़न सीख लिया है ।

                                             -- ख़लील जिब्रान