Poem Queen Mab
By Thomas Hood
नन्ही सी है एक परी जो रोज़ रात को आती ,
आँखें उसकी नीली- नीली,बाल हैं उसके भूरे ,
परों पे उसके चाँदी जैसे छोटे - छोटे धब्बे,
रोज़ उतरकर चाँद से नीचे पंख हिलाती आती ।
एक रुपहली छड़ी हमेशा हाथ में अपने लेकर
जब इक प्यारा बच्चा अपने बिस्तर पर सो जाता
दाएँ-बाएँ हाथ हिलाती वह परियों की रानी ,
तब वह बच्चा मीठे-मीठे सपनों में खो जाता,
उन सपनो में झरने होते, झरनों में जलपरियाँ होतीं,
भीनी -भीनी खुशबू वाले बाग़ महकते,
और हमेशा रहने वाले फूल भी होते,
धूप में चम-चम करने वाली मक्खी होती,
छाँव में चम-चम करने वाले जुगनू होते,
प्यारी-प्यारी बातें करती चिड़ियाँ आएं कभी कहानी
और कभी फिर मीठा-मीठा गीत सुनाएं
और कभी फिर मीठा-मीठा गीत सुनाएं
परियों की वह प्यारी वादी और परियों के सुन्दर परबत
Translated By: Raahi Naqvi

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