Thursday, 20 September 2012

Poem Queen Mab

By Thomas Hood


   परी रानी 
नन्ही सी है एक परी जो रोज़ रात को आती ,
आँखें उसकी नीली- नीली,बाल हैं उसके भूरे ,
परों पे उसके चाँदी जैसे छोटे - छोटे धब्बे,
रोज़ उतरकर चाँद से नीचे पंख हिलाती आती ।
एक रुपहली छड़ी हमेशा हाथ में अपने लेकर 
जब इक प्यारा बच्चा अपने बिस्तर पर सो जाता     

दाएँ-बाएँ हाथ हिलाती वह परियों की रानी ,              

इर्द-गिर्द माथे पर उसके घेरा एक बनाती ।
तब वह बच्चा मीठे-मीठे सपनों में खो जाता,
उन सपनो में झरने होते, झरनों में जलपरियाँ होतीं,
मज़ेदार मीठे फल वाले पेड़ भी होते
जिनकी शाख़ें झुक-झुक जातीं । 
भीनी -भीनी खुशबू वाले बाग़ महकते,
और हमेशा रहने वाले फूल भी होते,  
धूप में चम-चम करने वाली मक्खी होती,                                        

छाँव में चम-चम करने वाले जुगनू होते,                                         

प्यारी-प्यारी बातें करती चिड़ियाँ आएं  कभी कहानी 
और कभी फिर मीठा-मीठा गीत सुनाएं                            
परियों की वह प्यारी वादी और परियों के सुन्दर परबत   
उस वादी में  बौने आकर बच्चों को रस्ता दिखलाते ।
Translated By: Raahi Naqvi 

       

    
            

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