ज़रा मुस्कुराइए (Weekly Column)
एक चींटी दूसरी चींटी से बोली
"क्या बताऊँ बहन !! जब भी मैं खाना लेने जाती हूँ एक हाथी रोज़ मेरे रास्ते में आकर खड़ा हो जाता है । दूसरी चींटी बोली
"ओह !! तब तो तुम्हे बहुत ग़ुस्सा आता होगा ?
पहली चींटी ठंडी साँस भरकर बोली
"हाँ ग़ुस्सा तो बहुत आता है मगर क्या करूँ उस कमबख्त
हाथी के बीवी-बच्चों का ख्याल करके अपने गुस्से को control कर लेती हूँ "।
एक चींटी दूसरी चींटी से बोली
"क्या बताऊँ बहन !! जब भी मैं खाना लेने जाती हूँ एक हाथी रोज़ मेरे रास्ते में आकर खड़ा हो जाता है । दूसरी चींटी बोली
"ओह !! तब तो तुम्हे बहुत ग़ुस्सा आता होगा ?
पहली चींटी ठंडी साँस भरकर बोली
"हाँ ग़ुस्सा तो बहुत आता है मगर क्या करूँ उस कमबख्त
हाथी के बीवी-बच्चों का ख्याल करके अपने गुस्से को control कर लेती हूँ "।
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