Tuesday, 25 September 2012

                                                       बीरबल की समझदारी 
                                               


एक बार बादशाह अकबर ने बीरबल से कहा सारे अक्लमंद आदमियों की सोच एक जैसी नहीं होती ।बीरबल बोले नहीं हुज़ूर सारे समझदार इन्सान एक ही तरह सोचते हैं ।अकबर बोले इसका सुबूत पेश करो ।
अगले दिन बीरबल ने महल के तालाब को खाली करवाके शहर में एलान कराया कि आज रात शहर का हर आदमी बादशाह के तालाब में एक -एक कटोरा दूध डालेगा ।अगली सुबह बीरबल बादशाह को लेकर तालाब पर गए तो देखा कि पूरा तालाब दूध के बजाये पानी से भरा था ।बीरबल ने कहा देखिये हुज़ूर सब लोगों ने दूध की जगह पानी डाला है मैंने कहा था न कि सारे अक्लमंद लोग एक ही तरह सोचते हैं ।मुझे तुम्हारी बात पर अब भी यक़ीन  नहीं है अकबर ने फिर भी हार नहीं मानी ।अब बीरबल ने कहा ठीक है मैं और सुबूत पेश करता हूँ ।रात में अकबर और बीरबल भेस बदल कर शहर में घूमने निकले और एक सुनार के घर पहुंचे और उससे पूछा दोस्त हमने सुना है कि अकबर ने हुक्म दिया है कि सब लोग उनके तालाब में एक कटोरा दूध डालेंगे ।क्या तुम लोगों ने उनका हुक्म माना ?सुनार बोला देखो मैं तुमको सच बताता हूँ लेकिन यह बात सिर्फ़ हम तीनों के बीच ही रहनी चाहिए ।भाई मैंने तो तालाब में पानी ही डाला था ।रात के अँधेरे में भला कौन समझ पायेगा कि बर्तन में दूध है या पानी ?अकबर और बीरबल वहां से निकल कर शहर के दूसरे लोगों के पास गए और हर एक के मुंह से यही बात सुनी ।बीरबल बोले देखा बादशाह सलामत आख़िरकार मेरी बात सही साबित हो गयी न कि सारे अक्लमंद एक ही तरह सोचते हैं ।बादशाह हँस कर बोले हाँ बीरबल तुम सही कहते थे ।   - राही नक़वी 


 


        

                                                                                                 

Monday, 24 September 2012

                                 परेशानियाँ (1)एक हिन्दुस्तानी  Housewife  की परेशानी - उफ़! यह काम वाली फिर बिना बताए छुट्टी पर चली गयी समझ में नहीं आता किधर से काम शुरू करूँ ?
(2)एक हीरो की परेशानी -अगर इस बार भी उस कम्बख़त एक्टर की फिल्म हिट हो गयी तो अपनी तो नंबर वन की position गयी हाथ से ।
(3)एक Husband की परेशानी -काश! इस महीने कोई त्योहार न पड़े वरना फिर जेब ख़ाली हो जायेगी ।
(4)एक बच्चे की परेशानी -अगर आज मैम ने कॉपी मांग ली तो ?मेरा होमवर्क complete नहीं है। बेटा! आज तो गए काम  से ।
(5)एक जेब कतरे की परेशानी -इस मंहगाई ने तो धंधा ही चौपट कर दिया है जिसका भी बटुआ उड़ाओ ख़ाली ही निकलता है ।

Sunday, 23 September 2012

                                                           अंदाज़े बयाँ 
       किसी की राह में दहलीज़ पर दिए न रखो,
        किवाड़ सूखी हुई लकड़ियों के होते हैं। -   बशीर बद्र 
                   छोड़ दो तुम भी मुझे सबकी तरह,
           रास्तों! मेरी कोई मंजिल नहीं । -  वसीम बरेलवी                                    
          जब कश्ती साबित-ओ सालिम थी ,
         साहिल की तमन्ना किसको थी ।
         अब ऐसी शिकस्ता कश्ती पर ,
          साहिल की तमन्ना कौन करे ।  - जज़्बी 
  बरस के खुल गए आँसू निखर गयी है फिज़ा ,
  चमक रहा है सरे शाम दर्द का तारा । -जावेद अख़तर                                     
     

                                                        

               

        
                                                                                                               



Saturday, 22 September 2012

                क्या आप जानते हैं ?



(1).हिन्दुस्तान सब से ज़्यादा Computer Software बनाने वाले मुल्कों में से एक है ।यहाँ से नब्बे (90) से ज्यादा देशों में Software भेजे जाते हैं ।   





(2).शतरंज (Chess) के खेल की ईजाद (Invention)  हमारे मुल्क हिन्दुस्तान में हुई थी ।             
               तस्वीर बोलती है (Weekly Column) 
     "तुलसी इह संसार में भांति भांति के लोग" 

Friday, 21 September 2012

ज़रा मुस्कुराइए (weeklycolumn)
एक क्लास में एक professor साहब पढ़ाने के दौरान अपने स्टुडेंट्स से सवाल पूछ रहे थे ।कोई भी उनके सवालों का जवाब नहीं दे पा रहा था ।ग़ुस्से में आकर 
प्रोफ़ेसर साहब बोले "मुझे लगता है इस क्लास में ज़्यादातर लोग गधे हैं ।जितने गधे हैं सब खड़े हो जाएँ।"  बाक़ी सब तो बैठे रहे मगर एक स्टुडेंट खड़ा हो गया ।प्रोफ़ेसर ने पूछा तुम क्यों खड़े हो गए ?लड़के ने जवाब दिया" सर दरअस्ल आप अकेले खड़े हुए अच्छे नहीं लग रहे थे ।"