Monday, 1 October 2012

                      एक ख़ूबसूरत लोक कहानी 
                                कंजूस आदमी 

 बात बहुत पुराने ज़माने की है। एक आदमी था जिसके घर में बहुत सारे सोने के ज़ेवर थे जिनको वह बहुत सम्भालकर  हमेशा तिजौरी में रखता था ।उसकी बीवी ने कई बार  उससे कहा  तिजौरी में इतने सारे गहने हैं "आप कभी मुझे पहनने के लिए क्यों नहीं देते?"वह आदमी अपनी बीवी की बात को हमेशा टाल दिया करता एक दिन जब उस की बीवी बार-बार गहने पहनने की ज़िद करने लगी तो वह आदमी चुपके से घर के पीछे वाले बाग़ में गया और एक गड्ढा खोद कर उस में ज़ेवरों को छुपा दिया ।इसके बाद वह रोज़ जाकर गड्ढे को खोल कर देखता कि  ज़ेवर रखे हैं या नहीं ।फिर गड्ढे को वापस बंद कर देता ।एक दिन उसके एक नौकर ने उसको ऐसा करते हुए देख लिया और उसको शक हुआ कि हो न हो ज़रूर मेरे कंजूस मालिक ने यहाँ कोई ख़ज़ाना छुपाया है ।उसने गड्ढे को खोद कर वह जेवर निकाल लिए ।अगले दिन जब वह आदमी वहां आया तो देखा जेवर वहाँ से ग़ायब हो चुके हैं ।वह कंजूस आदमी ज़ोर -ज़ोर से रोने लगा और अपना सर पीटने लगा ।शोर सुनकर उसके मोहल्ले के लोग वहाँ आ गए और उससे रोने की वजह पूछी तो उस आदमी ने उनको सारी बात बताई ।उसकी बात को सुनकर एक आदमी बोला" तुम एक पत्थर को लेकर गड्ढे में उसी तरह छिपा दो जैसे तुमने सोना छिपाया था और  सोचो कि गड्ढे में पत्थर नहीं बल्कि सोना है क्योंकि जिस तरह यह  पत्थर तुम्हारे लिए बेकार है उसी तरह वह सोना भी तुम्हारे लिए बेकार था क्योंकि जिस चीज़ का हम कभी इस्तेमाल ही न करें वह हमारे किस काम की?"  





Sunday, 30 September 2012


     अंदाज़े बयाँ 
  जी बहुत चाहता है सच बोलें 
 क्या करे हौसला नहीं होता।
                      -बशीर बद्र 
तेरे ख़त का जवाब लिखा है 
बेअदब को जनाब लिखा है 
                    -एजाज़ अन्सारी 




नए मकान बनाए तो फासलों की तरह 
हमें ये शहर बसाना भी तो नहीं आया 
                                                       -वसीम बरेलवी 
शामे ग़म की सहर नहीं होती 
या हमीं को खबर नहीं होती 
                -इब्ने इंशा 


                                     

Friday, 28 September 2012

                                                 क्या आप जानते हैं ?
चीन की आबादी अमेरिका के मुक़ाबले चार गुना ज़्यादा है।आबादी के लिहाज़ से दुनिया का हर पाँचवां आदमी  चाईनीज़ है।
काग़ज़ की खोज करने वाला पहला मुल्क चीन है ।




                                तस्वीर बोलती है 
                Hi! मैं हूँ जूनियर बप्पी लहरी और 
                आप सुन रहे हैं रेडियो मिर्ची ।              


Thursday, 27 September 2012

   ज़रा मुस्कुराइए    
  एक दोस्त दूसरे दोस्त  से-  क्या बात है यार बड़े परेशान लग रहे हो ?                                      
दोस्त -हाँ तुम ने सही कहा 
पहला दोस्त -कोई बात नहीं परेशानियों का क्या है आज हैं कल चली जायेंगी ।
दूसरा दोस्त -नहीं यार यह परेशानी इतनी जल्दी नहीं जाने वाली कल मेरी सास आ रही हैं ।
पहला दोस्त -ओह!तब तो यह परेशानी वाक़ई जल्दी नहीं जायेगी मेरी हमदर्दियाँ तुम्हारे साथ हैं।        
(Weekly Column)                      ख़ूबसूरत  बातें 
ज़िन्दगी ख़ुद  को पाने का नाम नहीं  बल्कि ज़िन्दगी ख़ुद  को बनाने का नाम है।
                        बर्नार्ड शा