Wednesday, 5 September 2012

                                                                                   तीन सवाल 

                                                                                                                  लिओ तोल्स्तोय 


एक बार एक बादशाह के दिल में कुछ सवाल पैदा हुए ।
उन सवालों का जवाब जानने के लिए वह बादशाह एक 
जोगी (Hermit) के पास गया । बादशाह ने जोगी से पूछा "मेहरबानी करके मुझे बताइए कि किसी काम को करने से पहले मैं यह कैसे जानूँ कि:
1.उस काम को करने का सही वक़्त कौन सा है ?
2.उस काम को करते वक़्त मुझे किन लोगों को अपने साथ रखना चाहिए या कौन से लोग उस वक़्त सबसे अहम(Important) हैं ?
3.और मुझे उस वक़्त कौन सी चीज़ें करनी चाहिये जो सबसे अहम हों ?
                             
जोगी ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया वह चुप चाप अपने काम में लगा रहा । बूढ़े जोगी को काम करता देख कर बादशाह को उस पर तरस आया उसने जोगी को एक तरफ बैठने को कहा और ख़ुद उसका काम करने लगा । काम पूरा हो जाने पर बादशाह ने फिर जोगी से वही सवाल पूछे । जोगी बोला "देखो तो कौन आ रहा है "
बादशाह ने मुड़ कर देखा तो एक आदमी ज़ख़्मी (Injured) हालत में दौड़ता चला आ रहा था । पास आकर वह आदमी बेहोश होकर ज़मीन पर गिर पड़ा । बादशाह ने उसकी मरहम-पट्टी की और झोपड़ी में लिटाकर पानी पिलाया । रात काफी हो चुकी थी इसलिए बादशाह भी वहीँ लेट कर सो गया । सुबह वह आदमी बादशाह के पास आकर बोला "मैं आपका बहुत शुक्रगुज़ार हूँ कि आपने मेरी इतनी देखभाल की जिसकी वजह से मेरी जान बच गयी,दरअसल मैं आपको मारने आया था क्योंकि आपने मेरे भाई के साथ बहुत बुरा सुलूक़ किया था । लेकिन आपके सिपाहियों ने मुझे देख लिया और मुझे ज़ख़्मी कर दिया । अब मैं ज़िन्दगी भर आपका एहसान नहीं भूलूँगा और आपका दोस्त बन कर रहूँगा" । ये सुनकर बादशाह बहुत खुश हुआ ।
जाने से पहले बादशाह ने जोगी से फिर वही सवाल पूछे    


जोगी बोला " तुम्हारे सवालों का जवाब तुम्हे मिल चुका  है,देखो !!कल अगर मुझ पर तरस खाकर तुमने मेरा काम न किया होता और वापस चले जाते तो वह आदमी तुमको मार डालता इसलिए सबसे अहम वक़्त वह था , जब तुम मेरा काम कर रहे थे और वह काम उस वक़्त तुम्हारा सबसे ज़रूरी काम था ।और मै तुम्हारे लिए सबसे अहम इंसान था। फिर जब वह आदमी आया तो तुम्हारा सबसे अहम वक़्त वह था जब तुम उसकी देख-भाल कर रहे थे।उसकी देख-भाल करना तुम्हारा सबसे ज़रूरी काम था और वह उस वक़्त तुम्हारे लिए सबसे अहम इंसान था । अगर तुमने ऐसा न किया होता तो वह तुमसे सुलह किये बग़ैर ही मर जाता।
" याद रखो सबसे अहम वक़्त होता है - अब यानि अभी का । सबसे ज़रूरी इंसान वह है जो अभी तुम्हारे साथ है और जो भलाई तुम उसके साथ कर रहे हो वह तुम्हारा सबसे ज़रूरी काम है।"
बादशाह को अपने सवालों के जवाब मिल गए थे।
   Translated and written in short by -  
                                                          राही नक़वी  


                                                          
 
                                                          अंदाज़े-बयां 

इंशा जी उठो अब कूच करो ,
            इस शहर में जी का लगाना क्या।
वहशी को सुकूँ से क्या मतलब,
            जोगी का नगर में ठिकाना क्या ।
                                      - इब्ने इंशा              

ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ,
खुदा बन्दे से खुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है ?
                                                              - इक़बाल 

ये एक मेला है वादा किसी से क्या लेगा?
                   ढलेगा दिन तो हर इक अपना रास्ता लेगा।
                                                     
                                                       -वसीम बरेलवी 

Monday, 3 September 2012

काम की बातें 
           
कॉफी के डिब्बे में कुछ चावल के दाने डाल 
देने से कॉफी बरसात के मौसम में जमती  नहीं है ।
       

अक्सर  कपड़ों  में  नील  देते  वक़्त  सफ़ेद  कपड़ों 

पर नील के धब्बे रह जाते हैं जो बहुत  ख़राब लगते 
हैं । अगर आप कपड़ों को भिगोने से पहले डिटर्जेंट 
घोलते वक़्त उसके साथ ही नील मिला कर अच्छी 
तरह घोल लें उस के बाद कपड़े डालें तो उन पर धब्बे नहीं पड़ेंगे और कपड़ों की चमक भी बढ़ जाएगी । 




                                                        
                      क्या आप जानते हैं ?
(2)                                              
                                                    
सबसे पहले ट्रेनें 

 पटरी पर तो चलाई  

जाती थी लेकिन 
 
उनको घोड़े खीचते 
 
थे ।

                          क्या आप जानते हैं ? 
   (1)                                     
मादा पोलर बियर अपने बच्चों के  साथ सर्दी के पूरे मौसम में गर्म गुफा में बर्फ के नीचे सोती रहती है । 

Sunday, 2 September 2012

तस्वीर बोलती है     




"दादी अम्मा  दादी अम्मा मान जाओ"