Sunday, 9 September 2012

Respected Viewers आज अपने नाना की सुनाई हुई अकबर और बीरबल की एक और कहानी लिख रही हूँ उम्मीद है आप लोगों को पसंद आएगी ।
                         शहज़ादे की शरारत 

एक बार की बात है बादशाह अकबर अपने दरबार में अपने तख़्त पर बैठे हुए थे । उनके साथ बीरबल और दूसरे दरबारी भी दरबार में मौजूद थे । बादशाह ने दरबारियों से एक सवाल किया "आप लोग मुझे यह बताइए कि अगर कोई इंसान आपके बादशाह की मूछों  को नोचने का जुर्म करे तो उसकी क्या सज़ा होनी 

चाहिए ? " कोई बोला "बादशाह सलामत ! ऐसे शख्स को तो फांसी दे देनी चाहिए ।" किसी ने कहा " उसको सूली पर लटका देना चाहिए । " तो कोई बोला "उसका मुंह काला करके गधे पर घुमाना चाहिए । बीरबल चुप चाप बैठे सबकी बातें सुन रहे थे । बादशाह ने बीरबल से कहा "बीरबल तुम क्यों ख़ामोश बैठे हो ? बताओ उस इंसान को क्या सजा मिलनी चाहिए जो मेरी मूंछे नोचने की जुर्रत करे ? " । बीरबल मुस्कुराते हुए बोले " जहाँपनाह
उसको तो ख़ूब सारे तोहफे (Gifts) मिलने चाहियें ।" दूसरे दरबारी हैरान होकर बादशाह से बोले " बादशाह सलामत यह बीरबल क्या बकवास कर रहे हैं ? "। बादशाह मुस्कुराने लगे । अब बीरबल ने कहा " आप लोग समझे नहीं जहाँपनाह हम लोगों से मज़ाक़ कर रहे हैं । आप ही बताइए बादशाह सलामत की मूंछे नोचने की हिम्मत सिवाए नन्हे शहजादे के और कौन कर सकता है ?"
"तो भला शहजादे को उन की इस शरारत के लिए तोहफों के अलावा और कौन सी सज़ा दी जाए ? " ।

बादशाह बीरबल की अक्लमंदी से बहुत खुश हुए और उन को इनाम से नवाज़ा । दूसरे दरबारी एक बार फिर  बीरबल से मात खा चुके थे ।
   
 

Saturday, 8 September 2012

                                             क्या आप जानते हैं ?
                                            
Film Actor नर्गिस दत्त वह पहली हिन्दुस्तानी औरत थीं जिनको पद्म श्री मिला था। 



नोबेल प्राइज़ हासिल करने वाली पहली हिन्दुस्तानी औरत मदर टेरेसा थीं ।




   तस्वीर बोलती है    
[Weekly Column]

              "स्टाइल में रहने का"


Thursday, 6 September 2012

ज़रा मुस्कुराइए (Weekly Column)

एक 
चींटी दूसरी चींटी से बोली
"क्या बताऊँ बहन !! जब भी मैं खाना लेने जाती हूँ एक हाथी रोज़ मेरे रास्ते में आकर खड़ा हो जाता है । दूसरी  चींटी  बोली
"ओह !! तब तो तुम्हे बहुत ग़ुस्सा आता होगा ?
पहली 
चींटी  ठंडी साँस भरकर बोली
"हाँ ग़ुस्सा तो बहुत आता है मगर क्या करूँ उस कमबख्त
हाथी के बीवी-बच्चों का ख्याल करके अपने गुस्से को control कर लेती हूँ "।

                 
ख़ूबसूरत बातें (Weekly Column)                      
                                                                     
अगर तुमने हर हाल में ख़ुश रहने का फ़न (Art)
सीख लिया है तो यक़ीन करो तुमने ज़िन्दगी का
सबसे बड़ा फ़न सीख लिया है ।

                                             -- ख़लील जिब्रान 

Wednesday, 5 September 2012

                                                                                   तीन सवाल 

                                                                                                                  लिओ तोल्स्तोय 


एक बार एक बादशाह के दिल में कुछ सवाल पैदा हुए ।
उन सवालों का जवाब जानने के लिए वह बादशाह एक 
जोगी (Hermit) के पास गया । बादशाह ने जोगी से पूछा "मेहरबानी करके मुझे बताइए कि किसी काम को करने से पहले मैं यह कैसे जानूँ कि:
1.उस काम को करने का सही वक़्त कौन सा है ?
2.उस काम को करते वक़्त मुझे किन लोगों को अपने साथ रखना चाहिए या कौन से लोग उस वक़्त सबसे अहम(Important) हैं ?
3.और मुझे उस वक़्त कौन सी चीज़ें करनी चाहिये जो सबसे अहम हों ?
                             
जोगी ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया वह चुप चाप अपने काम में लगा रहा । बूढ़े जोगी को काम करता देख कर बादशाह को उस पर तरस आया उसने जोगी को एक तरफ बैठने को कहा और ख़ुद उसका काम करने लगा । काम पूरा हो जाने पर बादशाह ने फिर जोगी से वही सवाल पूछे । जोगी बोला "देखो तो कौन आ रहा है "
बादशाह ने मुड़ कर देखा तो एक आदमी ज़ख़्मी (Injured) हालत में दौड़ता चला आ रहा था । पास आकर वह आदमी बेहोश होकर ज़मीन पर गिर पड़ा । बादशाह ने उसकी मरहम-पट्टी की और झोपड़ी में लिटाकर पानी पिलाया । रात काफी हो चुकी थी इसलिए बादशाह भी वहीँ लेट कर सो गया । सुबह वह आदमी बादशाह के पास आकर बोला "मैं आपका बहुत शुक्रगुज़ार हूँ कि आपने मेरी इतनी देखभाल की जिसकी वजह से मेरी जान बच गयी,दरअसल मैं आपको मारने आया था क्योंकि आपने मेरे भाई के साथ बहुत बुरा सुलूक़ किया था । लेकिन आपके सिपाहियों ने मुझे देख लिया और मुझे ज़ख़्मी कर दिया । अब मैं ज़िन्दगी भर आपका एहसान नहीं भूलूँगा और आपका दोस्त बन कर रहूँगा" । ये सुनकर बादशाह बहुत खुश हुआ ।
जाने से पहले बादशाह ने जोगी से फिर वही सवाल पूछे    


जोगी बोला " तुम्हारे सवालों का जवाब तुम्हे मिल चुका  है,देखो !!कल अगर मुझ पर तरस खाकर तुमने मेरा काम न किया होता और वापस चले जाते तो वह आदमी तुमको मार डालता इसलिए सबसे अहम वक़्त वह था , जब तुम मेरा काम कर रहे थे और वह काम उस वक़्त तुम्हारा सबसे ज़रूरी काम था ।और मै तुम्हारे लिए सबसे अहम इंसान था। फिर जब वह आदमी आया तो तुम्हारा सबसे अहम वक़्त वह था जब तुम उसकी देख-भाल कर रहे थे।उसकी देख-भाल करना तुम्हारा सबसे ज़रूरी काम था और वह उस वक़्त तुम्हारे लिए सबसे अहम इंसान था । अगर तुमने ऐसा न किया होता तो वह तुमसे सुलह किये बग़ैर ही मर जाता।
" याद रखो सबसे अहम वक़्त होता है - अब यानि अभी का । सबसे ज़रूरी इंसान वह है जो अभी तुम्हारे साथ है और जो भलाई तुम उसके साथ कर रहे हो वह तुम्हारा सबसे ज़रूरी काम है।"
बादशाह को अपने सवालों के जवाब मिल गए थे।
   Translated and written in short by -  
                                                          राही नक़वी